मेवाड़ विश्वविद्यालय में तालाबंदी युवाओं के भविष्य पर संकट
चित्तौडग़ढ़. चित्ताौडगढ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में पिछले करीब 12 दिन से नर्सिंग छात्रों का आन्दोलन चल रहा है। इसके चलते आन्दोलित कश्मीरी एवं अन्य छात्रों ने सभी विभागों में तालाबदी कर कामकाज को पूरी तरह से ठप कर दिया है। ऐसे में यह तालाबंदी अब अन्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
मेवाड़ विश्वविद्यालय में तालाबंदी युवाओं के भविष्य पर संकट
प्रशासन बना लाचार
चित्तौडग़ढ़. चित्ताौडगढ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में पिछले करीब 12 दिन से नर्सिंग छात्रों का आन्दोलन चल रहा है। इसके चलते आन्दोलित कश्मीरी एवं अन्य छात्रों ने सभी विभागों में तालाबदी कर कामकाज को पूरी तरह से ठप कर दिया है। ऐसे में यह तालाबंदी अब अन्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। ऐसे में जिला कलक्टर ने मेवाड़ में ऑनलाइन कक्षाओं को संचालित करने के गत दिनों दिए आदेश की पालना भी नहीं हो पा रही है। वहीं प्रशासन भी आन्दोलन कर रहे छात्रों के सामने लाचार बन गया है। जानकारी में आया है कि मेवाड़ विश्वविद्यालय से योगा में पीजी डिप्लोमा करने वाले एक छात्र कन्ळैयालाल व्यास का राजस्थान सरकार की चतुर्थश्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा में चयन हो गया है। जिसकी भर्ती प्रक्रिया 9 फरवरी से शुरू होकर 23 फरवरी तक होनी थी इसके लिए कन्हैयालाल ने मेवाड विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को एक प्रार्थना पत्र देकर आवश्यक रुप से पीजी डिप्लोमा की मार्कशीट एवं चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के लिए गुहार लगाई थी। जिस पर तुरंत ही मेवाड़ की सब रजिस्ट्रार ने गंगरार उपखण्ड अधिकारी से मिलकर इस छात्र की मार्कशीट एवं चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के लिए विश्वविद्यालय में कामकाज शुरू करवाने की गुहार लगवाई लेकिन sdm ने अपनी लाचारी जताते हुए इसमें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक मदद में असमर्थता जता दी। अगर इस तरह से प्रशासन कर रवैया रहेगा तो फिर आन्दोलन कर रहे छात्रों के साथ -साथ अन्य युवाओं का भविष्य भी दांव पर लगेगा।
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