नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार रेल लाइन की डीपीआर को मंजूरी, आदिवासी अंचल के विकास की दिशा में बड़ा कदम - जोशी

नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार रेल लाइन की डीपीआर को मंजूरी, आदिवासी अंचल के विकास की दिशा में बड़ा कदम - सीपी जोशी*

Mar 24, 2026 - 17:57
Mar 24, 2026 - 17:57
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नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार रेल लाइन की डीपीआर को मंजूरी, आदिवासी अंचल के विकास की दिशा में बड़ा कदम - जोशी

सांसद सीपी जोशी के आग्रह पर रेल मंत्री ने रेल लाइन का एलाइनमेंट प्रतापगढ़ शहर के पास होकर ले जाने के दिए निर्देश

आदिवासी क्षेत्र जुडेंगे विकास की मुख्य धारा से, राजस्थान की बदलेगी तस्वीर 

चित्तौड़गढ़, । भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी द्वारा नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-अलिराजपुर-नंदुरबार नई रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर के पास से गुजारे जाने के लिए किए गए आग्रह पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक कदम उठाते हुए इस रेल परियोजना के एलाइनमेंट को प्रतापगढ़ शहर के पास होकर ले जाने के निर्देश दिए हैं। 

रेल मंत्री द्वारा सांसद को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि इस नई रेल लाइन का एलाइनमेंट सर्वे वर्तमान में प्रगति पर है तथा पश्चिम रेलवे को इसे प्रतापगढ़ शहर के पास से होकर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीपी जोशी ने इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। 

सांसद सीपी जोशी ने बताया कि उन्होंने पूर्व में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर जनसुविधा की दृष्टि से नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-अलिराजपुर-नंदुरबार नई रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री की ओर से प्राप्त पत्र में इस संबंध में सकारात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में हर्ष की भावना है।

सांसद जोशी ने लगभग 380 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित नीमच-प्रतापगढ़-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार रेल लाइन के लिए अंतिम सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की मंजूरी को दक्षिण राजस्थान विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया। 

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि लंबे समय से दक्षिण राजस्थान के लोगों की यह मांग रही है कि इस क्षेत्र को मजबूत रेल कनेक्टिविटी मिले। आदिवासी बहुल दक्षिणी राजस्थान के विकास को नई गति देने की दिशा में रेल मंत्रालय द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय को दक्षिण राजस्थान, विशेष रूप से प्रतापगढ़-बांसवाड़ा सहित आसपास के आदिवासी क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक पहल है। प्रस्तावित रेल लाइन से राजस्थान के आदिवासी अंचलों को देश के प्रमुख रेलवे नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

सांसद  सीपी जोशी ने कहा कि प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय अब तक सीधे रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ा था। इस परियोजना के माध्यम से प्रतापगढ़ को नीमच, बांसवाड़ा, दाहोद से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे दक्षिण राजस्थान के हजारों लोगों को पहली बार रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे राजस्थान के सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा व्यापार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

सांसद सीपी जोशी ने बताया कि प्रतापगढ़,बांसवाड़ा और आसपास का क्षेत्र रेल लाइन बनने से यहाँ पर यात्रियों व उद्योगों के लिए कच्चा व तैयार माल की ढुलाई आसान होगी और स्थानीय उद्योगों को भी बड़ा बाजार मिल सकेगा। इससे स्थानीय उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेल लाइन के निर्माण और संचालन से क्षेत्र के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा। तथा दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के लिए भी एक वैकल्पिक और छोटा मार्ग विकसित होगा। 

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा संसदीय क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहें है। रेलवे के क्षेत्र में भी पिछले ग्यारह वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है और अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत होकर क्रियांवयन के चरण में है। उन्होंने कहा कि अभी चित्तौडगढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नीमच-सिंगोली -बेंगू-रावतभाटा-कोटा नई लाइन (201 कि.मी), मंदसौर-प्रतापगढ़-घाटोल-बांसवाड़ा नई लाइन (120 कि.मी.), नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-अलीराजपुर-नंदुरबार नई लाइन (380 कि.मी.), चित्तौड़गढ़-मावली-देबारी दोहरीकरण (99 कि.मी.) के अंतिम स्थान सर्वे हो रहे हैं। नीमच-बड़ीसादड़ी नई लाइन (48 किमी.) का कार्य प्रगति पर, मावली-देवगढ़ मदारिया अमान परिवर्तन (83 कि.मी.) कार्य प्रगति पर है, अज़मेर-चन्देरिया दोहरीकरण (178 कि.मी.) प्रगति पर है, उमरा-उदयपुर-देबरी दोहरीकरण (25 कि.मी.) परियोजना कार्य भी स्वीकृत हो चुका है। इसके साथ ही मावली-बड़ीसादड़ी आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण हो चुका है, उदयपुर-हिम्मतनगर आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण हो चुका है एवं चित्तौड़गढ़-नीमच-रतलाम दोहरीकरण कार्य पूर्णता की ओर है। 

सांसद सीपी जोशी विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना तथा अन्य रेल विकास कार्य दक्षिण राजस्थान और मेवाड़ क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले समय में लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

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Avinash chaturvedi

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