चूरमा बाटी बनाने से इंकार किया तो कर दी पत्नी की हत्या
जब पति ने पत्नी से कहा कि बरसात की कामना के लिए आज गांव बाहर भोजन है और तू घर में ही चूरमा बाटी बना भैंस चराने मत जो इस पर पत्नी ने मना कर भैंस चराने चली गई और पति को यह बात नागवार गुजरी।
- लूट का रचा था षड्यंत्र पति गिरफ्तार
चित्तौडग़ढ़ । जब पति ने पत्नी से कहा कि बरसात की कामना के लिए आज गांव बाहर भोजन है और तू घर में ही चूरमा बाटी बना भैंस चराने मत जो इस पर पत्नी ने मना कर भैंस चराने चली गई और पति को यह बात नागवार गुजरी। वह भी पत्नी के पीछे गया और जंगल में पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। लोगों को लूट का यकिन दिलाने के लिए उसके पहने जेवर भी निकाल लिए और अपने ही दूसरे खेत में छिपा दिए। इस मामले में निम्बाहेड़ा सदर थाना पुलिस ने आरोपी पति को बाद पूछताछ गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गत 5 जुलाई को मांगरोल निवासी रतनीबाई पत्नी नानालाल कुम्हार सुबह अपने नोहरे से अपनी भैंस चराने नोहरे से जेके फैक्ट्री के पास स्थित अपने खेत पर गई थी। जो शाम को घर नहीं लौटी। जेठ मोहन लाल व उसका लडका नारायण उर्फ मन्नु रतनीबाई की तलाश गये जहां खेत के पास रतनीबाई की लाश मिली। पुलिस ने लाश का मुआयना किया तो रतनी के चेहरे पर चोट व गले में रस्सी का निशान था। पुलिस ने मृतका रतनीबाई के पिता बालूलाल प्रजापत की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसन्धान शुरू किया। डीएसपी निम्बाहेड़ा शिव प्रकाश के मार्गदर्शन में थानाधिकारी संजय शर्मा द्वारा एक टीम का गठन किया गया। मृतका के पिता ने दामाद पर सन्देह जताया। पुलिस टीम ने उसके पति नानालाल से बार बार पूछताछ की गई तो नानालाल बार बार बीमार होने का बहाना बना सनकी की तरह बाते करता था। पुलिस ने नानालाल से गहन पूछताछ कि तो पता लगा कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे और धटना से एक दिन पूर्व भी झगड़े के कारण रतनी अपने पिहर चली गई। तो नानालाल ने फोन कर उसे कुएं में कूदने की धमकी देकर वापस बुला लिया। ५ जुलाई को को रतनी सुबह अपने घर से नोहरे पर जाने के लिए निकली तो नानालाल ने पूछा कहां जा रही है तो उसने नोहरे से भैंस को चराने के लिये खेत पर जाने की बात कही। इस पर नानालाल ने कहा कि आज खेत पर मत जा बरसात की कामना के लिये गांव हर घर में चुरमा बाटी बनेगा तू भी चूरमा बाटी बना ले लेकिन रतनीबाई नहीं मानी। इस को लेकर के दोनो में कहासुनी हुई व रतनीबाई भैस को लेकर खेत पर चली गई। नानालाल कुछ देर बाद खेत पर गया व पत्नी को तलाश किया तो वो खेत के पास चट्टानो के बीच बैठी थी नानालाल ने उसे घर चलकर चुरमा बाटी बनाने को कहा तो वहां भी दोनों में कहासुनी हुई रतनी ने घर चलने से मना किया तो गुस्से में आकर वहां रखी रस्सी को रतनीबाई के गले में डाल कर नीचे गिराया व उसका गला दबा दिया जिससे रतनीबाई की मौत हो गई । घटना को लुट का रूप देने के लिये नानालाल ने मृतका के गले से मान्दलिया व दोनो पैरो के पायजब खिंच कर निकाल लिये व चुपचाप रवाना हो मांगरोल रेल्वे फाटक के पास स्थित अपने दूसरे खेत में कुएं के पास छिपा दिये। पुलिस ने नानालाल को अपनी पत्नी रतनीबाई के हत्या के जुर्म में गिरफतार किया।
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