हिंदुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट शुरू

Hindustan Zinc launches women-led 'Tejaswini' all-women shift for all shifts at Chanderiya Smelting Complex

Mar 13, 2026 - 19:44
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हिंदुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट शुरू

हिंदुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट शुरू

जेंडर इनक्लूजन किया मजबूत, शुरुआत 30 महिला प्रोफेशनल्स की टीम से

चित्तौड़गढ़ भारत की मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक अहम कदम उठाते हुए, विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक एवं शीर्ष पांच सिल्वर उत्पादक में से एक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में सभी शिफ्ट में कार्य के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘तेजस्विनी’ ऑल-वुमन शिफ्ट की शुरूआत की है। यह विश्व की सबसे बड़ी और सबसे अधिक टेक्नोलॉजी वाली एडवांस्ड जिंक स्मेल्टिंग सुविधाओं में से एक है। यह पहल कंपनी की एक इनक्लूसिव वर्कफोर्स बनाने और हेवी इंडस्ट्री में मुख्य ऑपरेशनल भूमिकाओं में महिलाओं के लिए लीडरशिप के अवसर देने में महत्वपूर्ण कदम है।

चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में काम करने से महिला इंजीनियर और ऑपरेटर बड़े पैमाने पर मेटलर्जिकल ऑपरेशन के केंद्र में होती हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन एप्लीकेशन के लिए जिंक उत्पादन में अहम भूमिका निभाती हैं। तेजस्विनी पहल के जरिए, हिंदुस्तान जिंक महिलाओं को ग्लोबल मेटल इंडस्ट्री में सबसे एडवांस्ड स्मेल्टिंग इकोसिस्टम में आवश्यक प्रोसेस को लीड करने में मदद कर रहा है।

ऐसे समय में जब माइनिंग और मेटल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है, हिंदुस्तान जिंक महिलाओं को जरूरी ऑपरेशनल कार्यो का प्रतिनिधित्व करने में महत्वपूर्ण कदम उठाकर इंडस्ट्री के नियमों को पुनःपरिभाषित कर रहा है। अब महिलाओं की संख्या इसके वर्कफोर्स का 26.3 प्रतिशत है, जो इस सेक्टर में सबसे अधिक है, कंपनी पारंपरिक रूप से पुरुषों के दबदबे वाली इंडस्ट्री में जेंडर डायवर्सिटी के लिए नए बेंचमार्क सेट कर रही है।

30 महिला प्रोफेशनल्स की समर्पित टीम इन यूनिट्स में कोर प्रोसेस ऑपरेशन, मेंटेनेंस और सेफ्टी कार्यो का जिम्मा उठाएगी जो कोर मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से लीचिंग और प्यूरिफिकेशन वन और टू और चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स में पूरी तरह से महिलाओं के नेतृत्व वाली ऑपरेशनल शिफ्ट की शुरुआत हुई है। यह कंपनी के हाइड्रोमेटलर्जी ऑपरेशन का एक जरूरी हिस्सा है जो सीधे जिंक प्रोडक्शन थु्रपुट और प्रोडक्ट क्वालिटी पर असर डालता है। इस पहल को हाइड्रो की प्लांट मैनेजर एलएण्डपी वन तान्या सिंह लीड कर रही हैं, जो हिंदुस्तान जिंक के सेफ्टी-फर्स्ट कल्चर को बनाए रखते हुए ऑपरेशनल एक्सीलेंस को मजबूत करने में टीम को गाइड करेंगी।

पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अंडरग्राउंड माइनिंग और स्मेल्टिंग से लेकर डिजिटल कंट्रोल रूम और लीडरशिप रोल तक, माइनिंग और मेटल ऑपरेशन में महिलाओं के लिए मौके बढ़ाए हैं। ये कोशिश वेदांता ग्रुप की अपनी वर्कफोर्स में 35 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी के अनुसार हैं, जिसमें हिंदुस्तान जिंक इस सेक्टर में इस विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं होल-टाइम डायरेक्टर, अरुण मिश्रा ने कहा कि, “ हमारा मानना है कि माइनिंग का भविष्य अलग-अलग टैलेंट, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सबको साथ लेकर चलने के कल्चर से आगे बढ़ेगा। तेजस्विनी का लॉन्च इंडस्ट्रियल परफॉर्मेंस को पावर देने वाले कोर ऑपरेशनल रोल में महिलाओं के लिए अच्छे अवसर देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे स्मेल्टिंग ऑपरेशन में महिलाओं को जरूरी प्रोसेस का नेतृत्व करने में निर्पूण बनाकर, हम अपनी टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत कर रहे हैं, साथ ही यह लीडरशिप और काबिलियत पारंपरिक इंडस्ट्री की सीमाओं से आगे हैं। जैसे-जैसे हम अपने लंबे समय के ग्रोथ के लक्ष्यों को पूरा कर रहे हैं, इस तरह के प्रयास अधिक प्रोग्रेसिव और भविष्य के लिए तैयार माइनिंग सेक्टर को बनाने में मदद करेंगी।”

जैसे-जैसे भारत इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ में अपने लक्ष्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, हिंदुस्तान जिंक यह दिखाना जारी रखे हुए है कि कैसे सबको साथ लेकर चलने वाले वर्कप्लेस ऑपरेशनल एक्सीलेंस और इनोवेशन को बढ़ावा दे सकते हैं। तेजस्विनी जैसी पहल और लोगों पर केंद्रित पॉलिसी में अपने लगातार निवेश के जरिए, कंपनी मेटल और माइनिंग इंडस्ट्री के लिए नए बेंचमार्क सेट कर रही है। कंपनी ने भारत की पहली अंडरग्राउंड ऑल-वुमन माइन रेस्क्यू टीम शुरू की है, महिला इंजीनियर्स को नाइट शिफ्ट, टेली-रिमोट माइनिंग ऑपरेशन और स्मेल्टिंग कंट्रोल रूम लीड करने में मदद की है, और वी सेफ ऐप इंटीग्रेशन, सीसीटीवी सर्विलांस, बायोमेट्रिक एक्सेस सिस्टम, महिला सुरक्षाकर्मी और नाइट ट्रांसपोर्टेशन सुविधाओं जैसी पहलों के जरिए वर्कप्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारी कॉन्फिडेंस, सेफ्टी और लीडरशिप के साथ काम कर सकें और साथ ही अधिक अलग-अलग तरह का और भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स तैयार हो सके।

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Avinash chaturvedi

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I'm Avinash, a dedicated news editor with a keen eye for storytelling and a passion for staying ahead of the latest developments. Armed with a background in journalism and a knack for uncovering hidden gems of information, I strive to present news in an engaging and informative manner. Beyond the headlines, I'm an avid [Hobbies/Interests], and I believe that every story contributes to the rich tapestry of our world. Join me as we dive into the dynamic world of news and discover the stories that shape our lives.