अंतिम समय में गीता का 18वां अध्याय सुनकर विदा हुई ‘ब्यूटी’
At the last moment, 'Beauty' left after listening to the 18th chapter of Geeta
अंतिम समय में गीता का 18वां अध्याय सुनकर विदा हुई ‘ब्यूटी’
परिवार ने पूरे सम्मान से दी डॉग को अंतिम विदाई
मुकेश मूंदड़ा, चित्तोड़गढ़
चितौड़गढ़। प्रतापनगर निवासी गौरव द्विवेदी के परिवार की प्रिय पालतू डॉग ‘ब्यूटी’ ने अपने जीवन की अंतिम घड़ियों में श्रीमद्भगवद्गीता का 18वां अध्याय सुनते हुए दुनिया से विदा ली। करीब नौ वर्षों से परिवार का हिस्सा रही ब्यूटी केवल पालतू जानवर नहीं, बल्कि घर के सदस्य की तरह सभी की चहेती थी।हाल ही में ब्यूटी कैंसर और लिवर फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। परिवार ने उसका पूरा इलाज करवाया और हर संभव प्रयास किया, लेकिन अंततः वह बच नहीं सकी।
जनवरी 2017 में एक नन्हीं पपी के रूप में घर आई ब्यूटी धीरे-धीरे परिवार के हर सदस्य के बेहद करीब हो गई। उसका स्वभाव बहुत शांत था। वह जगह परिवार के साथ रहती थी और उसकी मौजूदगी से आने-जाने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी।वर्ष 2019 में जब उसने दो पपी को जन्म दिया, तब परिवार ने उसका ममतामयी रूप भी देखा।
परिवार ने भारतीय संस्कारों के अनुसार उसकी अंतिम घड़ियों में गीता का 18वां अध्याय सुनाया। माना जाता है कि यह अध्याय जीवन के अंतिम सत्य और मोक्ष का संदेश देता है। गीता का पाठ सुनते हुए ब्यूटी ने शांत भाव से अंतिम सांस ली।
इसके बाद परिवार ने नम आंखों से शास्त्री नगर मोक्षधाम के पास पूरे सम्मान और रीति-रिवाजों के साथ उसे विदाई दी। ब्यूटी की यह कहानी एक बेजुबान के निस्वार्थ प्रेम और परिवार के संस्कारों का भावुक उदाहरण बन गई।
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