भाजपा सरकार के दो वर्ष : विफलताओं की सरकार — जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया
जिला कांग्रेस कमेटी चित्तौड़गढ़ द्वारा राजस्थान की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर सरकार को विफलताओं की सरकार बताते हुए कड़ा हमला बोला गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि जनता की पीड़ा और चीखों के बीच पर्ची वाली भजनलाल सरकार जश्न मना रही है, जबकि प्रदेश की जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
सिसोदिया ने कहा कि बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री केवल हवाई यात्राएं करते रहे और केंद्र सरकार द्वारा तैयार भाषणों को पढ़कर सुनाने तक सीमित रहे। प्रदेश में व्यापारी, युवा, किसान, महिलाएं एवं बुजुर्ग सभी परेशान हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। मंत्रियों की मुख्यमंत्री नहीं सुनते, विधायक लाचार हैं और पूरे प्रदेश में अफसरशाही हावी हो चुकी है। विकास के नाम पर सरकार का खाता शून्य है।
उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजे के नाम पर केवल खोखली घोषणाएं की जा रही हैं। बिजली के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार नगर निकाय एवं पंचायत राज के चुनाव समय पर नहीं कराकर जनता से डर रही है। प्रदेश में महिला अत्याचार कई गुना बढ़ गए हैं, शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के वादे खोखले साबित हुए हैं। पेंशनधारियों की पेंशन कई महीनों से खातों में नहीं डाली जा रही है। जनकल्याणकारी योजनाएं अघोषित रूप से बंद कर दी गई हैं और सरकार केवल अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए सिसोदिया ने कहा कि अस्पतालों में दवाइयों की भारी कमी है, डॉक्टरों के अभाव में कई जानें जा चुकी हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आए दिन हत्या, बलात्कार जैसे गंभीर अपराध बढ़ रहे हैं। पुलिस प्रशासन बेखबर बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है और जो मिल रहा है वह ब्लैक में बेचा जा रहा है। कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी नीतियों को भी बंद कर दिया गया है। निंबाहेड़ा और चित्तौड़ क्षेत्र में खुलेआम हत्याएं हो रही हैं, अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और कानून का भय समाप्त हो चुका है।
कपासन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए सिसोदिया ने कहा कि पानी की मांग करना अपराध बना दिया गया है। पानी मांगने पर आम नागरिकों के पैर तोड़ दिए गए। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि एफआईआर में विधायक का नाम दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब सत्ता में बैठे लोग ही कानून से ऊपर हो जाएं तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में 10 लाख रुपये के बजट का दुरुपयोग केवल टेंट लगाने और सरकार के प्रतिनिधियों के फ्लेक्स लगाकर गुणगान करने में किया जा रहा है। सरकार अपनी ही धुन में मस्त है और उसे प्रदेश की जनता से कोई सरोकार नहीं है।
अंत में सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस इस जनविरोधी सरकार का खुलकर विरोध करती है। यदि आने वाले समय में सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो कांग्रेस बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक आंदोलन, धरना-प्रदर्शन कर इस सोई हुई सरकार को जगाने का काम करेगी, ताकि आमजन के विकास कार्यों को गति मिल सके।
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