पारंपरिक ज्ञान, हरित अर्थव्यवस्था और उद्यमिता पर हुआ वैश्विक मंथन

सम्मेलन के दूसरे दिन भी देश-विदेश से आए विद्वानों एवं शोधार्थियों ने पारंपरिक ज्ञान, हरित अर्थव्यवस्था, उद्यमिता, ग्रामीण विकास तथा सतत आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और समकालीन चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

Apr 4, 2026 - 18:40
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पारंपरिक ज्ञान, हरित अर्थव्यवस्था और उद्यमिता पर हुआ वैश्विक मंथन
मेवाड़ विश्वविद्यालय में ICRDSL–2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ विश्वविद्यालय में शनिवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेडिशनल नॉलेज, ग्रीन इकॉनमी एंड एंटरप्रेन्योरशिप ऑपर्च्युनिटीज फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबल लाइवलीहुड (ICRDSL–2026)” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम मे  विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। सम्मेलन के दूसरे दिन भी देश-विदेश से आए विद्वानों एवं शोधार्थियों ने पारंपरिक ज्ञान, हरित अर्थव्यवस्था, उद्यमिता, ग्रामीण विकास तथा सतत आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और समकालीन चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। समापन सत्र में सर्वप्रथम प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राजेश भट्ट ने सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.  आलोक मिश्रा ने  कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं तथा नवाचार और शोध को प्रोत्साहित करते हैं।  मुख्य अतिथि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी  सिद्धार्थ राजहंस ने कहा कि एक उत्कृष्ट विश्वविद्यालय वही होता है जहां विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सक्रियता का वातावरण हो। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, समझने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन एक संक्षिप्त अवसर है, इसलिए अहंकार से दूर रहकर ज्ञान, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना आवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि महिलाएं प्रभावी नेतृत्व प्रदान करने में सक्षम हैं और भविष्य के नेतृत्व में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. सी. डी. कुमावत ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण विकास के लिए नवीन संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करना है। इस अवसर पर डीन एकेडमिक्स प्रो.  दीपक व्यास, अप्लाइड रिसर्च डायरेक्टर प्रो. अजय कुमार, रिसर्च डायरेक्टर प्रो.   विनेश अग्रवाल, स्किल डेवलपमेंट के निदेशक डॉ. ए. आर. यादव, स्टूडेंट वेलफेयर के निदेशक डॉ. एच. एस. रावत, कॉन्फ्रेंस की कन्वीनर एवं प्रबंधन संकाय की डीन प्रो.  साधना मंडलोई, को-कन्वीनर - फैकल्टी ऑफ अल्टरनेटिव थेरेपीज के डीन प्रो. (डॉ.) ओम प्रकाश शर्मा, फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की डीन प्रो.  सोनिया सिंगला, मास एंड मीडिया कम्युनिकेशन विभाग की विभागाध्यक्ष माधुरी भट्ट, होटल मैनेजमेंट विभाग के विभागाध्यक्ष नवीन दहाणवाल सहित विभिन्न संकायों के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन अंग्रेजी विभाग की सहायक आचार्य श्वेता कुमारी ने किया।

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Avinash chaturvedi

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