जिला अभिभाषक संस्थान चित्तौड़गढ़ ने मुख्य न्यायाधिपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जिला अभिभाषक संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, चित्तौड़गढ़ को माननीय मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के नाम अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा गया।
चित्तौड़गढ़। जिला अभिभाषक संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, चित्तौड़गढ़ को माननीय मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के नाम अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा वर्तमान में रात्रिकालीन न्यायालयों के संचालन तथा प्रत्येक माह के दो शनिवारों को उच्च न्यायालय के कार्यदिवस घोषित किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की गई है। जिला अभिभाषक संस्थान का कहना है कि उक्त निर्णयों के संबंध में राजस्थान बार काउंसिल एवं जिले के सभी पदाधिकारियों से विचार-विमर्श एवं सुझाव अपेक्षित हैं।
संस्थान ने मांग की है कि समस्त अधीनस्थ न्यायालयों में साप्ताहिक पाँच दिवस कार्यदिवस घोषित किए जाएं तथा रात्रिकालीन न्यायालयों के संचालन के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
इस अवसर पर जिला अभिभाषक संस्थान के अध्यक्ष नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष चांदनी बैरागी, सचिव लोकेन्द्र सिंह राणावत, कोषाध्यक्ष कमलेश सुखवाल, सह-सचिव विशाल सिंह भाटी, पुस्तकालय प्रभारी रोहित खटीक सहित वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मीलाल पोखरना, छोगालाल डाड, जगदीशचन्द्र शर्मा, रामेश्वरलाल तोतला, रमेशचन्द्र दशोरा, सुरेन्द्र नाथ योगी, एस.पी. सिंह राठौड़, प्रदीप काबरा, शैलेन्द्र सिंह राव, इनायत अली, गुलशेर अली, भेरूदास वैष्णव, सावन श्रीमाली, महिपाल सिंह पायरी, मालम सिंह पंवार, जे.पी. नेनवा, मदन त्रिपाठी, अल्पेश पुरी गोस्वामी, दिलीप तोतला, ललित लढ्ढा, अब्दुल सत्तार, किशन सिंह गार्डन, पंकज टेलर, मुकेश तोलम्बिया, यास्मीन शेख, ललित जोशी, अफजल मोहम्मद शेख, नागेन्द्र सिंह झाला, नितिन चावत, आदित्य राय चौधरी, अजय विक्रम सिंह राठौड़, कर्मराज प्रजापत (कमल), संदीप सेठिया, धर्मेन्द्र जैन, राधेश्याम तेली, लोकेश मीणा, दिनेश खटीक, गिरीश दीक्षित, गणपत मीणा, रघुनन्दन दाधीच, पीयूष मण्डोवरा, प्रभुलाल गुर्जर, प्रवीण कनौजिया सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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