अरावली बचाओ व मनरेगा के नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम परिवर्तन व संशोधनों के विरोध में राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार को विशाल पैदल मार्च निकाला गया।
चित्तौड़गढ़। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम परिवर्तन व संशोधनों के विरोध में राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार को विशाल पैदल मार्च निकाला गया। हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शहीद स्मारक से कलेक्ट्रेट चौराहे तक पैदल मार्च करते हुए मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर एवं डीएफओ को ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर अरावली बचाने को लेकर उठाई गई आवाज से प्रेरित होकर चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज एकजुट होकर प्रभावी प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला उत्तर भारत की प्राकृतिक “ग्रीन वॉल” है, जो थार मरुस्थल के विस्तार को रोकने, भूजल रिचार्ज, वायु प्रदूषण नियंत्रण तथा जैव विविधता संरक्षण में अहम भूमिका निभाती है।
ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 में पर्यावरण मंत्रालय की समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने संबंधी फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल समीक्षा याचिका (रिव्यू पिटीशन) दायर करने की मांग की गई। जाड़ावत ने कहा कि इस फैसले में अरावली की नई परिभाषा तय कर केवल 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भूमि को “अरावली हिल” माना गया है, जिससे 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली अधिकांश पहाड़ियां व टीले संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएंगे और अवैध खनन, रियल एस्टेट विकास एवं अनियंत्रित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इससे राजस्थान के 34 जिले, लगभग 1.34 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित होगा, जिसका पर्यावरण, जल सुरक्षा एवं जलवायु पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में अरावली की पुरानी व्यापक परिभाषा बहाल करने, सभी पहाड़ियों व टीलों को पूर्ण संरक्षण देने, नए खनन पट्टों व निर्माण पर रोक लगाने तथा अरावली को राष्ट्रीय प्राकृतिक विरासत घोषित कर सख्त संरक्षण नीति लागू करने की मांग की गई।
मनरेगा के संदर्भ में जाड़ावत ने कहा कि यह केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि गरीबों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाला अधिनियम है, जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से देशभर में पहचान मिली। मनरेगा का नाम बदलकर “जी राम जी योजना” करना तथा नियमों में किए गए संशोधन मजदूर वर्ग के हित में नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को पूर्ववत बहाल किया जाए, संशोधनों को निरस्त किया जाए, कार्यदिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर न्यूनतम 150 दिन की जाए, बजट आवंटन बढ़ाया जाए और मजदूरी दरों का पुनरीक्षण कर न्यूनतम दैनिक मजदूरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही केंद्र-राज्य के 60:40 खर्च वहन अनुपात को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे योजना ठप होने की आशंका है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता त्रिलोक चंद जाट, प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, शहर अध्यक्ष अनिल सोनी, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम जाट, प्रदेश सचिव रणजीत लोट, संगठन महामंत्री महेंद्र शर्मा, विधानसभा चुनाव प्रभारी नगेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व प्रधान पुष्पा जाट, पूर्व सभापति रमेशनाथ योगी, उप सभापति कैलाश पंवार, वरिष्ठ नेता दिलीप नेभनानी, जिला उपाध्यक्ष गोविंद शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह जाड़ावत, जिला महामंत्री प्रमोद सिंह तंवर, जिला महामंत्री कमल गुर्जर, जिला प्रवक्ता राजेश सोनी, मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह भाटी, बालमुकुंद मालीवाल, रविराज सिंह जाड़ावत, दिनेश सोनी, कालूलाल जाट, महावीर सिंह डेलवास, राजदीप सिंह राणावत, अर्जुन रायका, पूर्व पीसीसी सदस्य रामलाल जाट, किसान प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रामस्वरूप जाट, युवक कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष नवीन तंवर, एनएसयूआई अध्यक्ष कान्हा वैष्णव, युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष छत्रपाल सिंह चौहान, धर्मेंद्र मूंदड़ा, युवा उपाध्यक्ष नितिन वर्मा, ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गेहरूगिरी गोस्वामी, एससी विभाग जिला अध्यक्ष राकेश घारू, एससी विभाग प्रदेश महासचिव गणेशलाल जाटोलिया, एससी विभाग पीसीसी सदस्य रामेश्वरलाल बैरवा, अभिषेक गर्ग, चांदनी बैरागी, ललिता रैगर, श्रष्टि गर्ग, सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल मीणा, दिनेश भोई, भरत धाकड़, शहर संगठन महामंत्री महेश काकानी, ग्रामीण संगठन महामंत्री लादूलाल धाकड़, महामंत्री शंभुलाल प्रजापत, पिंटू राव, गजानंद शर्मा, शंकर सेन, पिंटू विजयवर्गीय, देवीलाल धाकड़, कैलाश भूतड़ा, अनिल भड़कत्या, रामगोपाल लोहार, गोपाल सालवी, महेंद्र मेड़तिया, टिंकू धामानी, शैलेंद्र सिंह शक्तावत, युसुफ भैया, गोस मोहम्मद, राजेश सरगरा, शैलेंद्र सिंह राव, प्रवीण मेनारिया, प्रभु रैगर, संजय रैगर, देवीलाल जाट पाल, पूर्व सरपंच सत्यनारायण वैष्णव, उप सरपंच गोरीलाल गुर्जर, कमलेश ईनाणी, मनीष चांवला, संदीप पुरोहित, शिवनाथ योगी, तेजमल सुराणा, जिला नीलगर, मोंटीवीर चड्ढा, रामेश्वर माली, गिरिवर सिंह, कमलेश माली, नारायण नाथ, शांतिलाल जाट, शंभुलाल शर्मा, कौशल बैरवा, लक्ष्मण नटराज, भेरूलाल पुरबिया, सत्यनारायण सेन, पुष्कर जीनगर, रमेश सेन, बिलाल हुसैन, ओम प्रकाश काबरा, शहादत हुसैन, संजय राव, शिवरतन सोनी, गौरव मेडतवाल, मोहन न्याति, रतन मोहिल, किशन जटिया, उदयलाल रैगर, मदन रैगर, फूलचंद धाकड़, भगवान लाल जटिया, बाबूलाल बैरवा, मदनलाल बैरवा, पुष्कर बैरवा, गोर्वधन जटिया, अमित लड्डा, धर्मेंद्र तिवारी, ललिता रावत, कमल प्रजापत, अमरकंठ उपाध्याय, फारूक मीरासी सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
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