चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने लोकसभा में प्राकृतिक और जैविक खेती के प्रभाव के आकलन का उठाया मुद्दा

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने लोकसभा में जैविक खेती के प्रभाव के आकलन का मुद्दा उठाया।

Dec 10, 2025 - 19:44
 0  19
चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने लोकसभा में प्राकृतिक और जैविक खेती के प्रभाव के आकलन का उठाया मुद्दा

नई दिल्ली 10 दिसंबर। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी ने लोकसभा में जैविक खेती के प्रभाव के आकलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने मृदा स्वास्थ्य पर प्राकृतिक और जैविक खेती के प्रभाव का आकलन किया है, किन-किन राज्यों में ऐसे मॉडलों को बड़े पैमाने पर कार्यान्वित किया जा रहा है और राजस्थान में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कौन-कौन सी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। 

सांसद सीपी जोशी द्वारा पूछे गए सवालों का केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब दिया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद प्राकृतिक खेती की पद्धतियों का पैकेज विकसित करने के लिए, अखिल भारतीय प्राकृतिक खेती नेटवर्क कार्यक्रम के माध्यम से 16 राज्यों को कवर करते हुए 20 सहयोगी केंद्रों के साथ अनुसंधान कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इस कार्यक्रम में 11 राज्य कृषि विश्वविद्यालय, 8 आईसीएआर संस्थान/केंद्र और 1 मानद विश्वविद्यालय शामिल हैं। शोध के परिणाम सॉइल हेल्थ संकेतकों में अच्छे सुधार दशति हैं। 2-3 वर्षों में, प्राकृतिक खेती के भूखंडों में सॉइल ऑर्गेनिक कार्बन (एसओसी) का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया। रसायन-पोषित मिट्टी की तुलना में प्राकृतिक खेती वाली मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या और विविधता सूचकांक काफी अधिक थे। प्राकृतिक खेती के तहत अच्छे सूक्ष्मजीव (जैसे अधिक लाभकारी बैक्टीरिया, कवक और एक्टिनोमाइसेट्स) तथा अधिक संतुलित सूक्ष्मजीव एकरूपता पायी गई जो समय के साथ एक स्वस्थ सॉइल इकोसिस्टम के विकास का सूचक है। प्राकृतिक खेती के अंतर्गत मिट्टी के जीव-जंतुओं तथा कार्बनिक पदार्थों में यह वृद्धि, पोषण चक्र और मिट्टी की संरचना में सुधार लाती है, जो सतत उर्वरता और उपज स्थिरता का आधार बनती है। शोध के परिणाम यह भी दर्शाते हैं कि प्रमुख फसलों में जैविक खेती के लिए उपयुक्त किस्मों के साथ-साथ जेविक खेती पैकेज 80 फसल पद्धतियों के लिए 16 राज्यों हेतु उपयुक्त है। जैविक खेती से मिट्टी के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, तथा सभी फसल श्रेणियों में एसओसी का स्तर अकार्बनिक और परिवर्तनकारी (जैविक की ओर) प्रणालियों की तुलना में लगातार अधिक रहा है।

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) राजस्थान सहित पूरे देश में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस मिशन का लक्ष्य 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती शुरू करना है। एनएमएनएफ में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने, अधिक किसानों को प्रशिक्षित करने, पशुधन के रखरखाव, मिश्रण और भंडारण कंटेनरों की खरीद सहित प्राकृतिक खेती के इनपुट तैयार करने आदि के लिए 2 वर्षों के लिए प्रति एकड़, प्रति किसान प्रति वर्ष 4000 रुपए का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इस मिशन के अंतर्गत, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य में 90,000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए 1,800 क्लस्टर बनाए गए हैं। अब तक, 1.89 लाख किसानों को नामांकित किया गया है तथा राज्य में प्राकृतिक कृषि जैव-इनपुट जैसे जीवामृत, बीजामृत आदि की आसान उपलब्धता प्रदान करने के लिए 164 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किए गए हैं। परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के अंतर्गत, जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 3 वर्षों में प्रति हेक्टेयर 31,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से, किसानों को ऑन फार्म/ऑफ फार्म ऑर्गेनिक इनपुट्स के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना, राजस्थान में भी 10,057 क्लस्टरों में 2.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए कार्यान्वित की जा रही है, जिससे 2.86 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Avinash chaturvedi

+919414112300
I'm Avinash, a dedicated news editor with a keen eye for storytelling and a passion for staying ahead of the latest developments. Armed with a background in journalism and a knack for uncovering hidden gems of information, I strive to present news in an engaging and informative manner. Beyond the headlines, I'm an avid [Hobbies/Interests], and I believe that every story contributes to the rich tapestry of our world. Join me as we dive into the dynamic world of news and discover the stories that shape our lives.