बिना सिफारिश और बिना खर्चे के युवाओं को मिल रही नौकरी
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पारदर्शी तरीके से लोकसेवकों की भर्ती करने से ही कोई प्रदेश आगे बढ़ सकता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार का पेपरलीक का सिलसिला खत्म कर राजस्थान को इससे निजात दिलाई है।
जयपुर, 10 जनवरी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पारदर्शी तरीके से लोकसेवकों की भर्ती करने से ही कोई प्रदेश आगे बढ़ सकता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार का पेपरलीक का सिलसिला खत्म कर राजस्थान को इससे निजात दिलाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता रखते हुए भ्रष्टाचार का उन्मूलन और योग्यता का सम्मान करते हुए राजस्थान के युवाओं को ‘बिना सिफारिश और बिना खर्चे’ के नौकरी दे रही है।
अमित शाह शनिवार को आरपीए में कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अच्छी कानून व्यवस्था से ही प्रदेश का विकास संभव है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पेपरलीक पर रोक लगाने के साथ-साथ कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को पूरे देश में निवेश का अग्रणी राज्य बनाने का काम किया है। इसी का परिणाम है कि आज देशभर के निवेशक राजस्थान की ओर आने की स्पर्धा कर रहे हैं।
राजस्थान पुलिस देश का अग्रणी पुलिस बल
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राजस्थान पुलिस बल देश के अग्रणी और सक्षम पुलिस बलों में स्थान रखता है। उन्होंने नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र मिलने की बधाई देते हुए कहा कि जिन युवाओं को आज वर्दी मिली है वे स्थिर चित्त के साथ पूरा ध्यान अपने प्रशिक्षण पर लगाएं और इसके उपरांत अपने काम से जनता की सेवा और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को चरितार्थ करें। उन्होंने चयनित कांस्टेबलों में 2,500 से ज्यादा महिलाओं के शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान से लगती एक हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा, चंबल के दुर्गम बीहड़, थार का मरुस्थल, अजमेर में दरगाह शरीफ, पुष्कर, नाथद्वारा, चित्तौड़, उदयपुर, जोधपुर, जयपुर जैसे पर्यटक स्थलों तथा रणथंभौर, सरिस्का, केवलादेव जैसे प्राकृतिक स्थलों वाले इस प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पुलिस की चुनौती और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता से शासन चलाने वाली और कानून व्यवस्था संभालने वाली सरकार आने से प्रदेश में क्या फर्क पड़ सकता है यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने साबित किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार बनने के बाद दो साल में कुल अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत, हत्या में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरुद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत, डकैती के प्रकरणों में 47 प्रतिशत तथा लूट के प्रकरणों में लगभग 51 प्रतिशत की कमी आई है।
दो साल में राजस्थान पुलिस बनी आधुनिक
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दो साल में राजस्थान पुलिस में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन, पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए अभय कमांड सेंटर से 112, सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) को एकीकृत करने, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की शुरुआत, एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की शुरुआत जैसी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। इसी क्रम में साइबर अपराधों को रोकने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का अहम कदम उठाया गया है।
आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तम्भ ऑनलाइन जुड़े
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 150 साल पहले बने अंग्रेजों के कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानून लाए गए हैं। ये संहिताएं संविधान द्वारा प्रदत्त शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा की गारंटी को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं। नए कानूनों में तकनीक को अहम स्थान देते हुए आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तंभ—पुलिस, अभियोजन, जेल, एफएसएल एवं कोर्ट—को ऑनलाइन जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि इन कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद एफआईआर दर्ज होने पर तीन साल में ही सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिलने की व्यवस्था हो जाएगी। इन कानूनों से दोष सिद्धि दर 41 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंची है और आने वाले समय में यह 85 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का अभूतपूर्व कालखंड
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह कालखंड देश की आजादी के बाद का अभूतपूर्व समय है, जिसमें देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मजबूत नेतृत्व मिल रहा है। धारा 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ा गया, जो सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।
नक्सलवाद पर प्रहार, आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का सफाया कर देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। औपनिवेशिक मानसिकता वाले कानूनों को समाप्त कर लाए गए नए कानूनों से न्याय प्रणाली अधिक लोकतांत्रिक बनी है।
सजग, सक्षम और तत्पर रहें नव चयनित कांस्टेबल
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त जवानों को बधाई देते हुए कहा कि यह क्षण उन्हें कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि तीनों नए कानूनों को समझकर साइबर अपराध से लेकर संगठित अपराध तक हर चुनौती के लिए तत्पर रहना होगा।
कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम
महिला सुरक्षा के लिए 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड, 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, 9,400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों में करीब 400 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना
मुख्यमंत्री ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की तर्ज पर राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (आर4सी) की स्थापना की घोषणा की।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि कांस्टेबल आपराधिक न्याय प्रणाली की रीढ़ हैं। 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों की नियुक्ति से कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से 10 आरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए तथा कुल 8 हजार से अधिक आरक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इससे पूर्व खेलो इंडिया योजना के तहत राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में बने मल्टीपरपज इंडोर हॉल का वर्चुअल लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, सांसद मदन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, नव नियुक्त कांस्टेबल एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
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