प्रदेश के 8 लाख सेवारत एवं 5 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों के लिए करेंगे संघर्ष : शर्मा
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की संघर्ष चेतना यात्रा शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ पहुंची, जहां स्वागत का नेतृत्व अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त प्रदेश पदाधिकारी भारतसिंह राठौड़ व महासंघ संयोजक कमल कुमार मीणा ने किया।
चित्तौड़गढ़। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की संघर्ष चेतना यात्रा शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ पहुंची, जहां स्वागत का नेतृत्व अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त प्रदेश पदाधिकारी भारतसिंह राठौड़ व महासंघ संयोजक कमल कुमार मीणा ने किया।
यात्रा का नेतृत्व अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा कर रहे थे। यात्रा दल में सांख्यिकी अधीनस्थ कर्मचारी संघ प्रदेश महामंत्री दीपक खिंची, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ प्रदेश महामंत्री शिवराज चौधरी, राज्य बीमा विभाग कर्मचारी संघ प्रदेश संयोजक रामकिशोर मीणा, राज्य बीमा विभाग कर्मचारी संघ प्रदेश महामंत्री हिमांशु यादव (जयपुर) तथा राजस्थान सहायक कर्मचारी संघ प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहन मीणा शामिल थे। बोजुन्दा में सरस डेयरी के सामने स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित सभा में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने बोर्ड निगम, राजकीय उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों में पुरानी पेंशन को समाप्त करते हुए राज्य सरकार द्वारा पुनः एनपीएस थोपने के 9 अक्टूबर के आदेश में राज्य सरकार द्वारा पुनः संशोधन को राज्य कर्मचारी की जीत बताया। समय समय पर कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर प्रदान किये जावें एवं वेतन भत्ते को लेकर भी सभा में चर्चा की गई।
पीएफ आरडीए समाप्त करने, कैडर स्ट्रेंथन, पदोन्नति, खाली पद भरने, संविदा कर्मियों को नियमित करने आदि राज्य व्यापी आन्दोलन शुरू कर रखा है। शिक्षकों के स्थानान्तरण व आरजीएचएस को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। वर्तमान में हो रही एसआईआर को लेकर भी कर्मचारियों को जो परेशान किया जा रहा है उस पर भी ब्यूरोक्रेसी पर नाराजगी जताई।
कमल मीणा ने संघ को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों को विश्वास दिलाया। महासंघ के महामंत्री महावीर सियाग ने बताया कि राजधानी जयपुर में राज्य के कर्मचारियों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यदि राज्य सरकार ने महासंघ की मांगों को पूरा नहीं किया तो 14 दिसम्बर को और बड़े संघर्ष का ऐलान कर दिया जाएगा। कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई 4 श्रम संहिताओं को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है यदि इन श्रम संहिताओं को वापस नहीं लिया गया तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ भी सहयोग करेगा।
सभा को महासंघ के पूर्व जिलाध्यक्ष शंकरलाल कलंत्री, रतनलाल आचार्य, कृषि पर्यवेक्षक संघ के सत्येन्द्र मौड़ ने सम्बोधित किया। इस दौरान श्यामलाल, पशुपालन विभाग के महामंत्री सुनिल अजमेरा, मोहम्मद खलील शेख ग्राम विकास अधिकारी संघ रामेश्वर लाल धाकड़ जिला उपध्यक्ष विक्रमसिंह, पटवार संघ के श्याम सुन्दर, जिलाध्यक्ष कानूनगो दिलीप दक, शिक्षक संघ शेखावत के जयपाल बुरड़क, प्रबोधक संघ जिलाध्यक्ष गिरीराज सोमानी, प्रकाश धाकड़, हनुमंत सिंह, विनोद गहलोत, लतीफ खान, हीरालाल चाष्टा, समय सिंह मीणा, गुलाब मीणा, कोमल मारू, सुमंत यादव, रतनलाल शर्मा रोजगार सहायक संघ अध्यक्ष, दिनेश विजयवर्गीय अध्यक्ष पीईईओ संघ पंचायत राज, मनीष कुमार मीणा, रामखिलाड़ी मीणा, दिनेशचन्द्र सालवी, रविन्द्र बैरवा, रतनलाल सालवी, वन अधिनस्थ कर्मचारी संघ, पैरा टीचर संघ, शिक्षक संघ प्रगतिशील, सहायक कर्मचारी संघ, शिक्षक संघ, अधिनस्थ कर्मचारी संघ, नल मजदूर यूनियन, आयुर्वेद नर्सेज एसोसिएशन, शारीरिक शिक्षक संघ, पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारी संघ, अधिनस्थ संघ सांख्यिकी विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शाशि संघ के जिलाध्यक्ष पारस टेलर ने किया।
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