सामाजिक संस्थाओं के 12AB रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण पर उठी आवाज – केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
Voice raised against cancellation of 12AB registration of social organizations – Central government intervention demanded
सामाजिक संस्थाओं के 12AB रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण पर उठी आवाज – केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
चित्तौड़गढ़।मेवाड़ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सीए अर्जुन मूंदड़ा एवं सचिव राकेश चंद्र मंत्री ने संयुक्त रूप से सामाजिक एवं धर्मार्थ संस्थाओं के आयकर रजिस्ट्रेशन (धारा 12AB) के निरस्तीकरण के मुद्दे को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में अनेक सामाजिक, शैक्षणिक एवं सेवा संस्थाएँ—जैसे माहेश्वरी समाज जैन समाज, महावीर इंटरनेशनल , दिव्यांग कल्याण संस्थान, महिला सशक्तिकरण संगठन, सांस्कृतिक एवं धरोहर संरक्षण संस्थाएँ तथा खेलकूद प्रोत्साहन संस्थाएँ—वर्षों से समाजहित में कार्य कर रही हैं। इन संस्थाओं को आयकर अधिनियम के तहत 12A/12AB एवं 80G की मान्यता प्राप्त है।
इसके बावजूद हाल के समय में आयकर विभाग द्वारा केवल इस आधार पर इन संस्थाओं के 12AB रजिस्ट्रेशन निरस्त किए जा रहे हैं कि वे देवस्थान विभाग, राजस्थान में पंजीकृत नहीं हैं। इस कार्यवाही को उन्होंने अनुचित एवं कानून की भावना के विपरीत बताया।
सीए अर्जुन मूंदड़ा ने कहा कि आयकर अधिनियम में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि प्रत्येक सामाजिक संस्था के लिए देवस्थान विभाग में पंजीकरण अनिवार्य हो। देवस्थान विभाग का क्षेत्राधिकार मुख्यतः धार्मिक ट्रस्टों तक सीमित है, जबकि अधिकांश संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांग सेवा, संस्कृति संरक्षण एवं खेलकूद प्रोत्साहन जैसे पूर्णतः “charitable purpose” के कार्यों में संलग्न हैं।
राकेश चंद्र मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की कार्यवाही से न केवल संस्थाओं की वैधता पर प्रश्नचिह्न लगता है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों—विशेषकर महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं युवाओं—को मिलने वाली सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं। साथ ही दानदाताओं का विश्वास भी कम हो रहा है।
दोनों पदाधिकारियों ने भारत सरकार के वित्त मंत्री एवं केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को ज्ञापन प्रेषित कर मांग की है कि:
• केवल धार्मिक ट्रस्टों के लिए ही देवस्थान पंजीकरण अनिवार्य माना जाए
• मात्र देवस्थान पंजीकरण के अभाव में 12AB रजिस्ट्रेशन निरस्त न किया जाए
• निरस्त किए गए मामलों की पुनः समीक्षा कर संस्थाओं को राहत प्रदान की जाए
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए, तो हजारों सामाजिक संस्थाओं के कार्य प्रभावित होंगे, जिससे समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, संस्कृति संरक्षण एवं खेलकूद विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र प्रभावित होंगे।
अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान प्रदान करेगी।
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